Birthday Sms - HindiJokes.Mobi
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 21 days ago

जीवन में मुश्किलो को ऐसे नज़रअंदाज़ कीजिये जैसे....

गोलगप्पे वाले को उसके काले_काले हाथो से आलू मसलते हुए नज़रअंदाज़ करते हैं.
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 21 days ago
हद हो गई

ठण्ड मै गर्म पानी करने के लिए
चूल्हा क्या जलाया
आस-पड़ोस वाले पूछने लग गए

कितने थे, कितने थे..??
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 21 days ago

ये कमबख्त पटाखे भी बड़ा भेदभाव करते हैं।
दीवाली पर प्रदूषण और नये साल पर खुशियाँ ज़ाहिर करती हैं।
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 21 days ago

31 दिसंबर का नशा अगर उतर गया हो तो दो मिनट का मौन उन बकरों और मुर्गों के लिए भी रख लें, जो बेचारे आपकी खातिर 2017 का सूरज नहीं देख पाए।
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 21 days ago

कुछ लोग तो ऐसे खुश हो रहे हैं जैसे नया साल नहीं बल्कि नई साली आई हो।
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 21 days ago
इतनी ठण्ड में आधी रात को बाथरूम जाने के लिए गर्म रज़ाई से बाथरूम तक का सफर किसी 'मिनी वनवास' से कम नहीं होता है।
Anvi Srivastava: 22 days ago

एक बार चम्पकलाल ने एक कबूतर का शिकार किया। वह कबूतर जाकर एक खेत में गिरा। जब चम्पकलाल उस खेत में कबूतर को उठाने पहुंचा तभी एक किसान वहां आया और चम्पकलाल को पूछने लगा कि वह उसकी प्रोपर्टी में क्या कर रहा है?

चम्पकलाल ने कबूतर को दिखाते हुए कहा - `मैंने इस कबूतर को मारा और ये मर कर यहाँ गिर गया मैं इसे लेने आया हूँ!`

किसान - `ये कबूतर मेरा है क्योंकि ये मेरे खेत में पड़ा है!`

चम्पकलाल - `क्या तुम जानते हो तुम किससे बात कर रहे हो?`

किसान - `नहीं मैं नहीं जानता और मुझे इससे भी कुछ नहीं लेना है कि तुम कौन हो!`

चम्पकलाल - `मैं हाईकोर्ट का वकील हूँ, अगर तुमने मुझे इस कबूतर को ले जाने से रोका तो मैं तुम पर ऐसा मुकदमा चलाऊंगा कि तुम्हें तुम्हारी जमीन जायदाद से बेदखल कर दूंगा और रास्ते का भिखारी बना दूंगा!`

किसान ने कहा - `हम किसी से नहीं डरते ... हमारे गाँव में तो बस एक ही कानून चलता है... लात मारने वाला!`

चम्पकलाल - `ये कौनसा क़ानून है ... मैंने तो कभी इसके बारे में नहीं सुना!`

किसान ने कहा -`मैं तुम्हें तीन लातें मारता हूँ अगर तुम वापिस उठकर तीन लातें मुझे मार पाओगे तो तुम इस कबूतर को ले जा सकते हो!`

चम्पकलाल ने सोचा ये ठीक है ये मरियल सा आदमी है, इसकी लातों से मुझे क्या फर्क पड़ेगा ! ये सोचकर उसने कहा - `ठीक है मारो!`

किसान ने बड़ी बेरहमी से चम्पकलाल को पहली लात टांगों के बीच में मारी जिससे चम्पकलाल मुहं के बल झुक गया!

किसान ने दूसरी लात चम्पकलाल के मुहं पर मारी जिसके पड़ते ही वह जमीन पर गिर गया!

तीसरी लात किसान ने चम्पकलाल की पसलियों पर मारी।

बड़ी देर बाद चम्पकलाल उठा और जब लात मारने के लायक हुआ तो किसान से बोला - `अब मेरी बारी है!`

किसान - `चलो छोड़ो यार! ये कबूतर तुम ही रखो!
Anvi Srivastava: 22 days ago
अकबर और बीरबल सभा मे बैठ कर आपस में बात कर रहे थे। अकबर ने बीरबल को आदेश दिया कि मुझे इस राज्य से 5 मूर्ख ढूंढ कर दिखाओ। बादशाह का हुक्म सुन बीरबल ने खोज शुरू की।

एक महीने बाद बीरबल वापस आये लेकिन सिर्फ 2 लोगों के साथ।

अकबर: मैने तो 5 मूर्ख लाने के लिये कहा था।

बीरबल: जी हुजुर लाया हूँ, मुझे पेश करने का मौका दिया जाये।

अकबर: ठीक है।

बीरबल: हुजुर यह पहला मूर्ख है। मैने इसे बैलगाडी पर बैठ कर भी बैग सिर पर ढोते हुए देखा और पूछने पर जवाब मिला कि कहीं बैल के उपर ज्यादा भार ना हो जाए, इसलिये बैग सिर पर ढो रहा हूँ। इस हिसाब से यह पहला मूर्ख है।

दूसरा मूर्ख यह आदमी है जो आप के सामने खडा है। मैने देखा इसके घर के ऊपर छत पर घास निकली थी। अपनी भैंस को छत पर ले जाकर घास खिला रहा था। मैने देखा और पूछा तो जवाब मिला कि घास छत पर जम जाती है तो भैंस को ऊपर ले जाकर घास खिला देता हूँ। हुजुर, जो आदमी अपने घर की छत पर जमी घास को काटकर फेंक नहीं सकता और भैंस को उस छत पर ले जाकर घास खिलाता है, तो उससे बडा मूर्ख और कौन हो सकता है।

अकबर: और तीसरा मूर्ख?

बीरबल: जहाँपनाह अपने राज्य मे इतना काम है। पूरी नीति मुझे संभालनी है, फिर भी मैं मूर्खों को ढूढने में एक महीना बर्बाद कर रहा हूॅ इसलिये तीसरा मूर्ख मै ही हूँ।

अकबर: और चौथा मूर्ख?

बीरबल: जहाँपनाह पूरे राज्य की जिम्मेदारी आप के ऊपर है। दिमाग वालों से ही सारा काम होने वाला है। मूर्खों से कुछ होने वाला नहीं है, फिर भी आप मूर्खों को ढूंढ रहे हैं। इस लिए चौथे मूर्ख जहाँपनाह आप हुए।

अकबर: और पांचवा मूर्ख?

बीरबल: जहाँ पनाह मैं बताना चाहता हूँ कि दुनिया भर के काम धाम को छोड़कर, घर परिवार को छोड़कर, पढाई लिखाई पर ध्यान ना देकर, यहाँ पूरा ध्यान लगा कर और पाँचवें मूर्ख को जानने के लिए जो इसे पढ़ रहा है वही पाँचवा मूर्ख है। इससे बडा मूर्ख दुनिया में कोई नहीं।