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Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
Is kavita ko all world me sabhi dharmo me bhejne ki sewa kare please.....

एक बार इस कविता को दिल से पढ़िये
शब्द शब्द में गहराई है...

जब आंख खुली तो अम्‍मा की
गोदी का एक सहारा था
उसका नन्‍हा सा आंचल मुझको
भूमण्‍डल से प्‍यारा था

उसके चेहरे की झलक देख
चेहरा फूलों सा खिलता था
उसके स्‍तन की एक बूंद से
मुझको जीवन मिलता था

हाथों से बालों को नोंचा
पैरों से खूब प्रहार किया
फिर भी उस मां ने पुचकारा
हमको जी भर के प्‍यार किया

मैं उसका राजा बेटा था
वो आंख का तारा कहती थी
मैं बनूं बुढापे में उसका
बस एक सहारा कहती थी

उंगली को पकड. चलाया था
पढने विद्यालय भेजा था
मेरी नादानी को भी निज
अन्‍तर में सदा सहेजा था

मेरे सारे प्रश्‍नों का वो
फौरन जवाब बन जाती थी
मेरी राहों के कांटे चुन
वो खुद गुलाब बन जाती थी

मैं बडा हुआ तो कॉलेज से
इक रोग प्‍यार का ले आया
जिस दिल में मां की मूरत थी
वो रामकली को दे आया

शादी की पति से बाप बना
अपने रिश्‍तों में झूल गया
अब करवाचौथ मनाता हूं
मां की ममता को भूल गया

हम भूल गये उसकी ममता
मेरे जीवन की थाती थी
हम भूल गये अपना जीवन
वो अमृत वाली छाती थी

हम भूल गये वो खुद भूखी
रह करके हमें खिलाती थी
हमको सूखा बिस्‍तर देकर
खुद गीले में सो जाती थी

हम भूल गये उसने ही
होठों को भाषा सिखलायी थी
मेरी नीदों के लिए रात भर
उसने लोरी गायी थी

हम भूल गये हर गलती पर
उसने डांटा समझाया था
बच जाउं बुरी नजर से
काला टीका सदा लगाया था

हम बडे हुए तो ममता वाले
सारे बन्‍धन तोड. आए
बंगले में कुत्‍ते पाल लिए
मां को वृद्धाश्रम छोड आए

उसके सपनों का महल गिरा कर
कंकर-कंकर बीन लिए
खुदग़र्जी में उसके सुहाग के
आभूषण तक छीन लिए

हम मां को घर के बंटवारे की
अभिलाषा तक ले आए
उसको पावन मंदिर से
गाली की भाषा तक ले आए

मां की ममता को देख मौत भी
आगे से हट जाती है
गर मां अपमानित होती
धरती की छाती फट जाती है

घर को पूरा जीवन देकर
बेचारी मां क्‍या पाती है
रूखा सूखा खा लेती है
पानी पीकर सो जाती है

जो मां जैसी देवी घर के
मंदिर में नहीं रख सकते हैं
वो लाखों पुण्‍य भले कर लें
इंसान नहीं बन सकते हैं

मां जिसको भी जल दे दे
वो पौधा संदल बन जाता है
मां के चरणों को छूकर पानी
गंगाजल बन जाता है

मां के आंचल ने युगों-युगों से
भगवानों को पाला है
मां के चरणों में जन्‍नत है
गिरिजाघर और शिवाला है

हिमगिरि जैसी उंचाई है
सागर जैसी गहराई है
दुनियां में जितनी खुशबू है
मां के आंचल से आई है

मां कबिरा की साखी जैसी
मां तुलसी की चौपाई है
मीराबाई की पदावली
खुसरो की अमर रूबाई है

मां आंगन की तुलसी जैसी
पावन बरगद की छाया है
मां वेद ऋचाओं की गरिमा
मां महाकाव्‍य की काया है

मां मानसरोवर ममता का
मां गोमुख की उंचाई है
मां परिवारों का संगम है
मां रिश्‍तों की गहराई है

मां हरी दूब है धरती की
मां केसर वाली क्‍यारी है
मां की उपमा केवल मां है
मां हर घर की फुलवारी है

सातों सुर नर्तन करते जब
कोई मां लोरी गाती है
मां जिस रोटी को छू लेती है
वो प्रसाद बन जाती है

मां हंसती है तो धरती का
ज़र्रा-ज़र्रा मुस्‍काता है
देखो तो दूर क्षितिज अंबर
धरती को शीश झुकाता है

माना मेरे घर की दीवारों में
चन्‍दा सी मूरत है
पर मेरे मन के मंदिर में
बस केवल मां की मूरत है

मां सरस्‍वती लक्ष्‍मी दुर्गा
अनुसूया मरियम सीता है
मां पावनता में रामचरित
मानस है भगवत गीता है

अम्‍मा तेरी हर बात मुझे
वरदान से बढकर लगती है
हे मां तेरी सूरत मुझको
भगवान से बढकर लगती है

सारे तीरथ के पुण्‍य जहां
मैं उन चरणों में लेटा हूं
जिनके कोई सन्‍तान नहीं
मैं उन मांओं का बेटा हूं

हर घर में मां की पूजा हो
ऐसा संकल्‍प उठाता हूं
मैं दुनियां की हर मां के
चरणों में ये शीश झुकाता हूं...
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
पत्नी (गुस्से में) : मैं घर छोड़कर जा रही हूं
पति : ठीक है, मैं निर्मल बाबा के पास जा रहा हूं
पत्नी (मुस्कुराते हुए) : क्यों? मुझे वापस पाने के लिए प्रार्थना करोगे?
पति : नहीं, बताने जा रहा हूं कि कृपा आने लगी
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
बड़ा महत्व है एक बार पढ़ के तो देखो

ससुराल में साली का
बाग़ में माली का
होंठो में लाली का
पुलिस में गाली का
मकान में नाली का
कान में बाली का
पूजा में थाली का
खुशी में ताली का------बड़ा महत्व है

फलों में आम का
भगवान में राम का
मयखाने में जाम का
फैक्ट्री में काम का
सुर्ख़ियों में नाम का
बाज़ार में दाम का
मोहब्ब्त में शाम का-------बड़ा महत्व है

व्यापार में घाटा का
लड़ाई में चांटा का
रईसों में टाटा का
जूतों में बाटा का
रसोई में आटा का-----बड़ा महत्व है

फ़िल्म में गाने का
झगड़े में थाने का
प्यार में पाने का
अंधों में काने का
परिंदों में दाने का-----बड़ा महत्व है

ज़िंदगी में मोहब्ब्त का
परिवार में इज्ज़त का
तरक्की में किसमत का
दीवानो में हसरत का------बड़ा महत्व है

पंछियों में बसेरे का
दुनिया में सवेरे का
डगर में उजेरे का
शादी में फेरे का------बड़ा महत्व है

खेलों में क्रिकेट का
विमानों में जेट का
शारीर में पेट का
दूरसंचार में नेट का-----बड़ा महत्व है

मौजों में किनारों का
गुर्वतों में सहारों का
दुनिया में नज़ारों का
प्यार में इशारों का------बड़ा महत्व है

खेत में फसल का
तालाब में कमल का
उधार में असल का
परीक्षा में नकल का-----बड़ा महत्व है

ससुराल में जमाई का
परदेश में कमाई का
जाड़े में रजाई का
दूध में मलाई का -----बड़ा महत्व है

बंदूक में गोली का
पूजा में रोली का
समाज में बोली का
त्योहारों में होली का
श्रृंगार में चोली का-----बड़ा महत्व है

बारात में दूल्हे का
रसोई में चूल्हे का-------बड़ा महत्व है

सब्जियों में आलू का
बिहार में लालू का
मशाले में बालू का
जंगल में भालू का
बोलने में तालू का-------बड़ा महत्व है

मौसम में सावन का
घर में आँगन का
दुआ में दामन का
लंका में रावन का-------बड़ा महत्व है

चमन में बहार का
डोली में कहार का
खाने में अचार का
मकान में दीवार का-----बड़ा महत्व है

सलाद में मूली का
फूलों में जूली का
सज़ा में सूली का
स्टेशन में कूली का------बड़ा महत्व है

पकवानों में पूरी का
रिश्तों में दूरी का
आँखों में भूरी का
रसोई में छूरी का ----बड़ा महत्व है

माँ की गोदी का
देश में मोदी का ----- बड़ा
महत्व है

LAST ONE

खेत में साप का
सिलाई में नाप का
खानदान में बाप का
और
whatsapp पर आप का----
बड़ा महत्व है

Its new !
Dosto forward to all !
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
हर एक बेटे के लिए -

एक बेटा अपने वृद्ध पिता को रात्रि भोज के लिए एक अच्छे रेस्टॉरेंट में लेकर गया।

खाने के दौरान वृद्ध और कमजोर पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया।

रेस्टॉरेंट में बैठे दुसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे लेकिन वृद्ध का बेटा शांत था।

खाने के बाद बिना किसी शर्म के बेटा, वृद्ध को वॉश रूम ले गया। उसके कपड़े साफ़ किये, उसका चेहरा साफ़ किया, उसके बालों में कंघी की, उसे चश्मा पहनाया और फिर बाहर लाया।

सभी लोग खामोशी से उन्हें ही देख रहे थे।

बेटे ने बिल पे किया और वृद्ध के साथ बाहर जाने लगा। तभी डिनर कर रहे एक अन्य वृद्ध ने बेटे को आवाज दी और उससे पूछा---" क्या तुम्हे नहीं लगता कि यहाँ अपने पीछे तुम कुछ छोड़ कर जा रहे हो ?? "

बेटे ने जवाब दिया---" नहीं सर, मैं कुछ भी छोड़ कर नहीं जा रहा। "

वृद्ध ने कहा---" बेटे, तुम यहाँ छोड़ कर जा रहे हो, प्रत्येक पुत्र के लिए एक शिक्षा (सबक) और प्रत्येक पिता के लिए उम्मीद (आशा)। "

(ऐसे बेटों के लिये आप भी दिल से दो शब्द लिखें)
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
स्वामी विवेकानंद ने कहा था





"समझदार आदमी से की गयी

कुछ मिनिट की बात

हज़ारो किताबे पढ़ने से कही

बेहतर होती है।"



इसलिए


आप मुझसे कभी भी फोन लगा कर बात कर सकते हो ।
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
Husband ne Wife ko msg kiya:
"Dinner pe mere sath Choki, Razi, Ankit aur Hardy aa rahe hain... acha sa khana bana dena."
Phir 30 mins ke baaf 2nd msg kia:
"Meri salary badh gai hai, next month tumhe gold ki angooti la kar dunga.."
Wife ne reply kiya:
"Oh my God sacchi" ?
Husband:
"Nahi... Main Check kar raha tha mera pehla msg mila ya nhi... warna tu bolegi mujhe message mila hi nahi.."
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
प्रश्न : पहले अंण्डा आया या मुर्गी ?
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उत्तर : सबसे पहले चखना आया फिर अंडा।
और बाद में मुर्गी आई फिर 2 बियर और आई।
लास्ट में बिल आया।।
Himaŋshʋ Gʋpta : 2 years ago
"5 रूपये वाली अगरबत्ती और सैमसंग एंड्राइड मोबाइल की बेट्री बिलकुल बराबर चलती है ।