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Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
एक झूठ जो हर आदमी अक्सर बोलता है... .
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बात पैसे की नहीं है यार!!
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
किसी पोस्ट पर कोई अपरिचित कन्या लाइक या कमेंट कर दे, तो हम जैसों को यही लगता है... ई रॉन्ग नंबर है, कौनों फिरकी ले रहा है ससुरा !
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
Girlfriend बनाने के बाद ही
अधिकतर लोगों को पता चलता है
कि
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100 रुपए से उपर की भी
chocolate आती हैं।
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
मैं पीकर नहीं बहकता,,
बहकता हूँ तो उसे देखकर,,,
अब बताओ ज़रा कि शराब हराम है या वो ??
इतने में मम्मी के कमरे से आवाज़ आई,,
"शराब हराम है
और वो
हरामजादी हैं
और तु हरामखोर "
Sb clear ho gya...
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
अब माँ अपने बच्चो को ऐसे डांटेगीं:

मोदी बनना है ना???

फिर??

राहुल जैसी हरकत क्यों की.?


अब मनमोहन की तरह चुप क्यों खड़ा है.?


बोल नहीं तो केजरीवाल कि तरह थप्पड़ खायेगा...!!
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
वरुण: आलिया तुम रो क्यों रही हो?
आलिया: मैंने अपने फोन को "Airplane Mode" पे किया लेकिन यह उड़ नहीं रहा।
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
किस किस का नाम लें अपनी बर्बादी में;
बहुत लोग आये थे दुआयें देने शादी में।
Himaŋshʋ Gʋpta : 12 months ago
एक दिन दफ्तर से घर आते हुए पुरानी गर्ल फ्रेंड से भेट हो गयी,
और जो बीवी से मिलने की जल्दी थी वह ज़रा सी लेट हो गयी;

जाते ही बीवी ने आँखे दिखाई - आदत अनुसार हम पर चिल्लाई;
तुम क्या समझते हो मुझे नहीं है किसी बात का इल्म;
जरुर देख रहे होगे तुम सक्रेटरी के साथ कोई फिल्म;

मैंने कहा, "अरी पगली, घर आते ही ऐसे झिडकियां मत दिया कर;
कभी तो छोड़ दे, मुझ बेचारे पर इस तरह शक मत किया कर";

पत्नी फिर तेज होकर बोली, "मुझे बेवकूफ बना रहे हो;
6 बजे दफ्तर बंद होता है और तुम 10 बजे आ रहे हो";

मैंने कहा, "अब छोड़ यह धुन -
मेरी बात ज़रा ध्यान से सुन";
एक आदमी का एक हज़ार का नोट खो गया था;
और वह उसे ढूंढने के जिद्द पर अड़ा था";

पत्नी बोली, "तो तुम उसकी मदद कर रहे थे;
मैंने कहा, "नहीं रे पगली मै ही तो उस पर खड़ा था";

सुनते ही पत्नी हो गयी लोट-पोट;
और बोली, "कहाँ है वह हज़ार का नोट";

मैंने कहा, "बाकी तो खर्च हो गया यह लो सौ रुपये का नोट";

वह बोली, "क्या सब खा गए बाकी के 900 कहाँ गए";

मैंने कहा, "असल में जब उस नोट के ऊपर मै खडा था;
तो एक लडकी की निगाह में उसी वक़्त मेरा पैर पडा था;
कही वह कुछ बक ना दे इसलिए वह लडकी मनानी पडी;
उसे उसी की पसंद के पिक्चर हाल में फिल्म दिखानी पडी;
फिर उसे एक बढ़िया से रेस्टोरेन्ट में खाना खिलाना पड़ा;
और फिर उसे अपनी बाइक से घर भी छोड़कर आना पड़ा;
तब कहीं जाकर तुम्हारे लिए सौ रुपये बचा पाया हूँ;
यूँ समझो जानू तुम्हारे लिए पानी पूरी का इंतजाम कर लाया हूँ";

अब तो बीवी रजामंद थी - क्योंकि पानी पूरी उसे बेहद पसंद थी;

तुरंत मुस्कुराकर बोली, "मै भी कितनी पागल हूँ इतनी देर से ऐसे ही बक बक किये जा रही थी;
सच में आप मेरा कितना ख़याल रखते है और मै हूँ कि आप पर शक किये जा रही थी"!